गुरुवार, 31 जनवरी 2013
शुक्रवार, 18 जनवरी 2013
गुरुवार, 17 जनवरी 2013
कांग्रेसी एजेंडा
कलमाड़ी को वापस लाओ राजा करो बहाल ।
भ्रष्टाचार बढ़ाकर फिर से सबको करो बेहाल ।।
डीजल कर दो दुगने कीमत गैस बना दो भारी ।
जातिवादी अजगर छोडो कर लो सब तैयारी ।।
आरक्षण की आग जला कर संको अपनी रोटी ।
जनता का क्या ! हरदम रही है इसकी किस्मत खोटी ।।
चिंतन कर लो चांदी काटो क्यों कर चिंता करना ?
अरबों खरबों बना लिया तो फिर का डरना ?
है चुनाव चौदह में तबतक होगा नया नजारा ।
त्राही त्राही मचने दो कुछ दिन देंगे तभी सहारा ।।
राजनीति कहते हैं इसको अर्थनीति का साथी ।
इसीलिए तो प्रजातंत्र बन गया भयंकार हांथी ।।
शुक्रवार, 21 दिसंबर 2012
बदल भी डालो यह संसार
कन्यां तुम कमजोर नहीं क्यों सहन करोगी अत्याचार ?
बन कर काली आओ फिर से बदल भी डालो यह संसार ।।
तुम जननी घर घर की ज्योति जीवन देने वाली हो ,
तुम बहना , बेटी भी तुम तो साथ निभाने वाली हो
शर्म से आँखें झुक जाती हैं ह्रदय बिदारक दृश्यों से
तुम हीं सदा से इस धरती पर समता लाने वाली हो ।।
भूल गई तुम अपनी शक्ति बढ़ने लगा है पापाचार
बन कर काली आओ फिर से बदल भी डालो यह संसार ।।
मंदिर में मूरत की पूजा लगता महज दिखावा है
मन में जिनके पाप भरा वे कहते क्या पहनावा है
बातों की बतकही बनाने मीडिया में कितने आ बैठे
चुप चुप अब तक मनमोहन जी इसका एक पछतावा है ।।
बेशक अपना या हो पराया करना होगा अब प्रतिकार
बन कर काली आओ फिर से बदल भी डालो यह संसार ।।
और न आंसू बहने दो अब उठा लो घुटनों से चेहरा
जला दो दानव दल को पल में और न आँचल को लहरा
लिख लो अपनी नई कहानी बन कर झांसी की रानी
रोग लगा जब इस समाज को डाल दो इस पर एक पहरा ।।
हे दुर्गा दुर्मति शमन कर सिखा दो सबको सद्व्यवहार
हे काली मतवाली बन कर बदल भी डालो यह संसार ।।
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